शराबबंदी लागू होने से पहले शराब विक्रेता दे रहे ‘खास ऑफर’, पुलिस सख्त

पटना: बिहार में शराबबंदी लागू होने में अब चंद घंटे ही बचे हैं। इस बीच दुकानदार शराब की खरीद पर विशेष ऑफर दे रहे हैं। दुकानदार स्टॉक में बची शराब की बोतलों को जल्द से जल्द बेच देना चाह रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि शराब में ऐसी छूट पहली बार दी जा रही है। बिहार में गुरुवार की आधी रात से शराबबंदी लागू होने वाला है। इसके बाद सरकारी दुकान पर ही लोग शराब खरीद सकेंगे।

पटना के राजा बाजार के एक शराब विक्रेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि उन्होंने एक दिन पहले से ही शराब की बोतलों पर ऑफर की घोषणा कर दी है। कई दुकानदार बोतल पर लिखे मूल्य से भी कम मूल्य पर शराब बेच रहे हैं। ऐसे दुकानदारों का कहना है कि आखिर स्टॉक में शराब रखने से कोई फायदा नहीं, बल्कि नुकसान है। वे चाहते हैं कि कम दाम पर भी शराब बिक जाए, स्टॉक खाली हो जाए।

राज्य के मद्य निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान कहते हैं कि गुरुवार की रात तक खुदरा दुकानों में सभी देसी व मसालेदार शराब उपलब्ध होगी। इसके बाद बची देसी शराब को वीडियो कैमरे के सामने नष्ट कर दिया जाएगा। विदेशी व कंपोजिट शराब की दुकानों में 31 मार्च की रात को बची शराब को सीलबंद कर बिहार राज्य वेबरेज करपोरेशन लिमिटेड के गोदाम में भेज दिया जाएगा।

बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को सर्वसम्मति से राज्य में शराबबंदी को एक अप्रैल से लागू करने के लिए ‘बिहार उत्पाद संशोधन विधेयक, 2016’ पारित कर दिया गया। विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सभी विधायकों ने शराब नहीं पीने और दूसरे को भी इसे पीने से रोकने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री ने विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा कि संशोधन कानून के तहत बिहार में पूर्ण शराबबंदी चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। पहले चरण में एक अप्रैल (शुक्रवार) से ग्रामीण इलाकों में देसी, विदेशी और मसालेदार समेत सभी प्रकार की शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। शहरी इलाकों में भी देसी और मसालेदार शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।

पूरे राज्य में 3,000 से अधिक दुकानों की जगह सिर्फ नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्र में 656 सरकारी शराब दुकानें खुलेंगी, जहां विदेशी शराब बिकेगी। किसी भी निजी आदमी को शराब बिक्री करने या इसे बनाने की अनुमति नहीं होगी। पूरा कारोबार सरकार की एजेंसी के बिवरेज कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।

शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने लोगों को उम्रकैद तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। जहरीली शराब पीने से मौत होने पर शराब बनाने वाले और बेचने वालों के लिए मौत की सजा तक का प्रावधान किया गया है।

इधर, शराबबंदी को लेकर बिहार पुलिस भी सख्त है। पुलिस ने शराब के अवैध धंधे की रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। पुलिस मुख्यालय में मद्य निषेध नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया गया है, जो 24 घंटे काम करेगा। नियंत्रण कक्ष में लोग शराब के अवैध उत्पादन, भंडारण, परिवहन और बिक्री की शिकायत कर सकते हैं।

पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि नियंत्रण कक्ष में आने वाली शिकायतों या सूचना पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी। शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई इसकी मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था होगी। बिहार पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम-पता गुप्त रखा जाएगा। फैक्स और ई-मेल के जरिए भी शिकायत भेजी जा सकेगी।

(यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)