भारतीय कृषक एसोसिएशन ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की उठाई मांग

कायमगंज/फर्रुखाबाद: किसान नेता मुन्नालाल सक्सेना के नगर स्थित आवास पर एसोसिएशन की एक बैठक किसान पंचायत के तौर पर संपन्न हुई । जिसमें आए भारतीय कृषक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बढ़ती लागत और गिरते बिक्री मूल्य के अंतर से किसान की आर्थिक स्थिति बहुत ही शोचनीय  स्थिति में पहुंचती जा रही है । किसान नेता ने कहा कि देश के किसानों से उनकी जमीन अलग करने की साजिश करके केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में जो काला कानून पास किया है। उसके विरोध में मेहनतकश अन्नदाता किसान दिल्ली बॉर्डर सहित दूसरे स्थानों पर पिछले 3 महीने से भी ज्यादा समय से खुले आसमान के नीचे रहकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहा है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह देश की आबादी के सबसे बड़े वर्ग किसान वर्ग की उपेक्षा न करें,और तत्काल तीनों काले कृषि कानूनों को वापस करें।तो सभी किसान अपने घर को वापस लौट सकते हैं। सरकार  ने  ऐसा नहीं किया तो किसान अपने घरों को तब तक वापस नहीं लौटेंगे। जब तक कि उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। किसान पंचायत में कृषि कानूनों  के अतिरिक्त  विद्युत  रीडरों की मनमानी ,झब्बूपुर नहर पुल के चौड़ीकरण तथा राजस्व कर्मियों की बेलगाम कार्यशैली के कारण जिले में किसानों की  विरासतों को दर्ज न करने जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हुए जनहित में इन सभी प्रकरणों  का समाधान करने की भी मांग की गई। पंचायत में मुन्नालाल सक्सेना ,प्रताप सिंह गंगवार, शील चंद, राजकुमार,अनुज सक्सेना, लज्जाराम आदि संगठन पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त कर केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीत की आलोचना करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की पुरजोर वकालत की है।

Author: MNI NEWS