दो दिन की शांति के बाद आज फिर बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम,जानिए नया रेट

नई दिल्ली: दो दिनों की शांति के बाद आज मंगलवार को एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए। मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल 25 पैसे प्रति लीटर चढ़ कर 90.83 रुपये पर चला गया। डीजल भी 35 पैसे का छलांग लगा कर 81.32 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। दो दिनों की शांति से पहले लगातार 12 दिनों तक पेट्रोल और डीजल के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई थी। मुंबई में पेट्रोल 97.34 रुपये पर पहुंच गया है। डीजल की कीमत 88.44 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। कोलकाता में पेट्रोल 91.12 और डीजल 84.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। चेन्नई में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद क्रमशः 92.90 और 86.31 रुपये प्रति लीटर है। नोएडा की बात करें तो यहां पेट्रोल 89.19 रुपये और डीजल 81.76 रुपये प्रति लीटर है। पटना में पेट्रोल 93.25 रुपये और डीजल 86.57 रुपये प्रति लीटर है। लखनऊ में पेट्रोल 89.13 रुपये और डीजल 81.70 रुपये प्रति लीटर है।

पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव की जानकारी आप रोज सुबह प्राप्त कर सकते हैं। रोज सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। पेट्रोल और डीजल के दाम में डीलर कमीशन, एक्साइज ड्यूटी और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, आपको RSP के साथ अपने शहर का कोड टाइप कर 9224992249 नंबर पर SMS भेजना होगा। मालूम हो कि हर शहर का कोड अलग होता है। ये आप आईओसीएल की वेबसाइट से देख सकते हैं। 

गौरतलब है कि देश अपनी जरूरत का 89 फीसद कच्चे तेल का आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में जरा सी ऊंच-नीच भारत में तेल कीमतों में बड़ी उछाल के रूप में सामने आती है। गैस के मामले में यह आंकड़ा करीब 53 फीसद है। तेल के दाम बढ़ने के पीछे प्रमुख रूप से दो वजहें हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम में वृद्धि और केंद्र और राज्यों की उच्च टैक्स दरें। 18 फरवरी को ब्रेंट क्रूड का अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क 65.09 डॉलर प्रति बैरल (करीब 159 लीटर) था। यह दाम अप्रैल 2020 में ऐतिहासिक रूप से सबसे कम 19 डॉलर प्रति बैरल था। 

पेट्रोल और डीजल पर हर राज्य में टैक्स की अलग-अलग दर होती है। दिल्ली में डीलर कमीशन, यातायात किराया, सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और वैट को मिलाकर पेट्रोल की कुल कीमत में इनकी हिस्सेदारी करीब 60 फीसद होती है।