जालसाज रैकेट का उखड़ा डेरा तंबू जांच के बाद हो सकती है कार्यवाही

कृषि बहुराज्यीय सहकारी समिति में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले रैकेट के लखनऊ व नोएडा में खुले थे कार्यालय, जहां अब पसरा सन्नाटा, लटक रहा गेट पर ताला
कायमगंज/फर्रुखाबादः(MNI NEWS)
यूपी किसान विकास कृषि बहुराज्यीय सहकारी समिति लिमिटेड में अस्थाई कोऑर्डिनेटर के 824 पदों की भर्ती का विज्ञापन निकलवा कर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले रैकेट के सदस्य कायमगंज स्थित शिव धर्म कांटा के पास वाली एक गोदाम में तंबू लगाकर कल तक सैकड़ों किलोमीटर दूर से नौकरी की चाहत में आए बेरोजगार युवक व युवतियों का इंटरव्यू ले रहे थे।

इनकी हकीकत जानने के लिए कुछ मीडिया कर्मी वहां पहुंचे थे। देखते ही समझ में आ रहा था। यह सब ठगी का धंधा है। जिसमें 551 रुपया आवेदन के नाम पर तथा 1500 रुपया इंटरव्यू के समय बेरोजगार से लिए जाने का नियम लागू था। मीडिया द्वारा हस्तक्षेप कर मामले की सच्चाई समझते ही पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां से कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के ही निवासी रैकेट के सदस्य चंद्रेश, दीपक सिंह, ऋषभ को हिरासत में लेकर प्रयुक्त किए जा रहे कागजात व अभिलेख भी कब्जे में ले लिए थे । किंतु इन तीनों गिरफ्तार लोगों को गत रात ही कुछ असरदार लोगों की सिफारिश पर कोतवाली से जमानत- सुपुर्दगी पर छोड़ दिया गया । इस संबंध में जब पुलिस क्षेत्राधिकारी राजवीर सिंह गौर से वार्ता की गई तो उनका कहना था कि जांच चल रही है। जांच पूरी होने पर ही यह पता चलेगा कि यह सब फ्रॉड है अथवा इस नाम की कोई संस्था है। जो इंटरव्यू का काम करवा रही थी। जांच पूरी होने पर सच्चाई और झूठ का पता लगने के बाद ही कार्यवाही करने का निर्णय लिया जाएगा।

बरहाल कायमगंज में जहां कल तक इंटरव्यू देने वालों का तांता लगा था और बाकायदा तंबू लगाकर ठग इंटरव्यू ले रहे थे । आज रात को ही उन्होंने अपना डेरा तंबू समेट लिया है। अब वहां सन्नाटा पसरा है । इधर अपुष्ट सूत्रों से यह जानकारी भी मिली है कि इस रैकेट का एक ऑफिस लखनऊ में तो दूसरा संभवत नोएडा में खुला है। कायमगंज की घटना के बाद अपनी घटना के बाद अपनी जालसाजी का पर्दाफाश होने की सूचना पाकर लखनऊ व नोएडा जैसे स्थानों पर खुले ऑफिसों में भी अब ताले लटक रहे हैं और वहां काम करने वाले रैबिट के असली असली संचालक तथा उनके सहयोगी बचने के लिए कहीं छुप गए हैं। कायमगंज में भी जिस समय पुलिस ने छापा मारा था। उस वक्त पकड़े गए तीन लोगों के अलावा कुछ और जालसाज मौजूद थे। किंतु वे भीड़ में गायब होकर वहां से भागने में सफल हो गए। शायद स्थानीय पुलिस ने उनका पता तो लगा लिया होगा। लेकिन उनमें से किसी को भी अब तक पूछताछ के लिए हिरासत में नहीं लिया गया है।