March 3, 2021

https://www.modernnewsindia.com

www.modernnewsindia.com

दो चचेरे भाइयों के शव पेड़ से लटके मिले, हत्या का आरोप

अमृतपुर/फर्रुखाबाद:(MNI NEWS) खेत में गेहूं की फसल को अन्ना गोवंश से बचाने के लिए रखवाली करने गए दो चचेरे भाइयों के शव खेत में खड़े बबूल के पेड़ों पर फंदों से देर रात लटके मिले। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। न ही आत्महत्या की वजह स्पष्ट कर पा रहे हैं। महिलाओं ने रोते हुए हत्या का आरोप लगाया।

अमृतपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिथनापुर के मजरा कोटियापुर निवासी सुरेश चंद्र व उनके छोटे भाई रमेश चंद्र खेती करते हैं। दोनों के खेत पास-पास हैं। इनमें गेहूं की फसल खड़ी है। गुरुवार शाम को सुरेश चंद्र का 18 वर्षीय बेटा मंगली व रमेश चंद्र का 19 वर्षीय बेटा विनय प्रताप अन्ना गोवंश से गेहूं की फसल बचाने के लिए रखवाली करने खेत पर गए थे। रात करीब साढ़े दस बजे उनके खेत के पास से गांव के ही सुंदर लाल गुजर रहे थे। तो उनकी नजर वहां खड़े बबूल के पेड़ों पर गई।

उन्हें लगा कि पेड़ों पर कोई लटका है। टार्च की रोशनी से देखा तो मंगली व विनय के शव अलग-अलग पेड़ों पर फंदों से लटके थे। सूचना पर रोते बिलखते परिजन मौके पर पहुंच गए। जानकारी मिलने पर थाना पुलिस पहुंच गई। फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। दोनों युवकों की चप्पलें पेड़ों के पास ही पड़ी थीं। शव फंदों से उतारकर लोहिया अस्पताल की मोर्चरी भेज दिए गए।

एसपी अशोक कुमार मीणा ने रात में ही घटनास्थल का जायजा लिया। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। वह आत्महत्या करने की वजह भी स्पष्ट नहीं कर सके। दोनों ही भाइयों की अभी शादी नहीं हुई थी। थानाध्यक्ष जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों की मौत कैसे हुई है। परिजनों के तहरीर देने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

रोती बिलखती महिलाएं लगाती रहीं हत्या का आरोप
लोहिया अस्पताल में दोनों युवकों के पिता व भाइयों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। पर वहां रोती बिलखती परिवार की महिलाएं हत्या कर शव लटकाए जाने का आरोप लगा रही थीं।

मंगली तीन भाइयों में था सबसे छोटा
मंगली तीन भाइयों में सबसे छोटा था। संदीप व भूरे उसके बड़े भाई हैं। इसके अलावा रोजी व सुमति बहनें हैं। मां सुखरानी रो-रोकर बेहाल हो गईं। विनय दो भाइयों में छोटा था। उसका बड़ा भाई अभिषेक है। संध्या, दिव्या, रिंकी व निशा बहनें हैं। मां सुनीता देवी जवान बेटे की मौत होने से बिलखती रहीं।

दोनों लटके थे धोती के फंदों से
अन्ना गोवंश से फसलों को बचाने के लिए किसान खेत की मेड़ों पर पुरानी धोती (साड़ी) को रस्सी तरह बांध देते हैं। इससे अन्ना गोवंश खेत में नहीं घुस पाते हैं। खेत की मेड़ पर बांधी गई धोती के फंदों से ही दोनों के शव लटके थे।

रहते थे साथ-साथ, दुनिया भी छोड़ी साथ
गांव के लोगों का कहना है कि दोनों चचेरे भाई जरूर थे। पर दोनों साथ रहते थे। कहीं रिश्तेदारी आदि जगह भी दोनों साथ ही जाते थे। उनका कभी किसी पर बात विवाद भी नहीं होता था। एक साथ दोनों के शव फंदे पर लटके मिलने से लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी क्या बात हो गई कि जो दोनों ने एक साथ आत्महत्या कर ली या किसी ने दोनों की हत्या कर शव फंदों पर लटका दिए हैं। पुलिस के लिए भी यही सवाल हैं।

गांव में किसी से नहीं है रंजिश
लोहिया अस्पताल में मिले सुरेश चंद्र व रमेश चंद्र ने बताया कि उनकी गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं है। वह खेती व मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सुरेश चंद्र ने बताया कि उनके बाकी दोनों बेटे अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। इससे परिवार में कोई विवाद नहीं था।