महर्षि बाल्मीकि प्रकट दिवस मनाया गया


फर्रूखाबाद: (MNI NEWS) महर्षि बाल्मीकि प्रकट दिवस के शुभ अवसर पर मोहल्ला दरीबा पश्चिम में स्थित महर्षि बाल्मीकि आश्रम पर महर्षि बाल्मीकि संस्कार समिति के तत्वधान में प्रकट दिवस मनाने का आयोजन किया गया। जिसमें शासनादेश का पालन करते हुए इस बार शोभायात्रा न निकालने का निर्णय लिया गया लेकिन महर्षि बाल्मीकि आश्रम पर रामायण पाठ हवन पूजन एवं महर्षि बाल्मीकि माता-सीता लव-कुश हनुमान जी भगवान शंकर जी माता सरस्वती माता काली गणेश जी समस्त देवी देवताओं के स्वरूप दिखाए गए। गंगा स्नान के बाद से पूजन प्रारंभ हुआ महर्षि बाल्मीकि के जीवन चरित्र पर भी वक्ताओं द्वारा प्रकाश डाला गया।

संस्कार समिति के संयोजक करतार सिंह वैष्णव बाल्मीकि ने महर्षि बाल्मीकि के जीवन प्रकाश पर डालते हुए बताया कि महर्षि द्वारा रचित रामायण में एक पर अरब यानी 100 करोड़ श्लोक लिखे गए इसके बाद ही शेष ग्रंथ लिखे गए क्योंकि एक अरब लोक में से 33,33, 33,333 भगवान शंकर भगवान विष्णु द्वारा स्वर्ग लोक में गरुड़ जी को मिले 33,33, 33,333 श्लोक पाताल लोक एवं 33,33, 33,333 धरती पर ऋषि-मुनियों को दिए गए। इस प्रकार से शेष बचे दो अक्षर भगवान शंकर ने दो अक्षर राम नाम के स्वयं लिए भगवान बाल्मीकि द्वारा माता सीता के चरित्र पर लगे कलंक को एवं राम की सेना के योद्धाओं के अहंकार को दो बालक लव और कुश द्वारा तोड़ना व राम कथा के माध्यम से राम जीवन की राम कथा रामायण के माध्यम से प्रचारित करना अयोध्या में शांति व्यवस्था महर्षि वाल्मीकि जी के प्रयासों से संभव हो सकी अन्य उपस्थिति लोगों ने भी महर्षि वाल्मीकि जी का गंध पुष्प द्वारा पूजन किया गया।

शहर के सभी मोहल्लों से वाल्मीकि समाज के लोग उपस्थित होकर प्रसाद भंडारा में सम्मिलित हुए निम्नलिखित लोगों ने अपना तन मन धन से सहयोग किया सहयोगीगण राकेश बाबू, प्रताप सिंह, विजय सिंह चौधरी, रामविलास, विनोद राज, कैलाश चंद्र, कुलदीप प्रकाश, चंद्र रामचंद्र, रतन लाल, कालीचरण, राजेश, महेश मिश्रा, मुकेश कुमार, बृजेश कुमार आदि मौजूद रहे।