कोरोना का दिखा असर इस बार बारावफात त्योहार बिना जुलूस और जलसे के ही मनाया गया


कायमगंज/फर्रुखाबाद: (MNI NEWS) वैसे तो साल के बारहों महीनों में लगभग हर महीने में कोई न कोई मुस्लिम त्यौहार होता है। किंतु ईदमिलादुन्नबी यानि कि बारावफात त्यौहार है। इस त्यौहार का इस्लाम मजहब में बहुत अधिक महत्व है। कारण कि आज के ही दिन मोहम्मद साहब की पैदायश और इसी रबी उल अव्वल को आप इस दुनिया से रुखसत भी हुए थे।

इसी वजह से अन्य त्योहारों की अपेक्षा आज के इस त्यौहार का सबसे अधिक खास मतलब माना गया है। इस त्योहार पर परंपरा के मुताबिक जुलूस-ए-मोहम्मदी बहुत ही सादगी एवं सजधज के साथ अल्लाह की शान में नारे लगाते हुए निकाला जाता था। किंतु कोरोना संक्रमण काल के कारण इस बार कायमगंज में अथवा अन्य किसी भी स्थान पर जुलूस नहीं निकाला गया और न ही जलसे का आयोजन हुआ। त्यौहार की सारी रस्में लोगों ने अपने घरों पर रोशनी करके लंगर तथा फातिहा प्रोग्राम करते हुए पूरी की ,वैसे यहां जुलूस का प्रोग्राम सीरत कमेटी की ओर से पूरे नगर को सजा सजा कर किया जाता था। परंतु इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।