अधर में लटकी कांशीराम कॉलोनी हैवतपुर गढ़िया की जांच


फर्रुखाबाद: कांशीराम कॉलोनी हैवतपुर गढ़िया की जांच अधर में लटकी है। कॉलोनी में 200 से ज्यादा आवासों पर दबंगों के ताले लटक रहे हैं तो 400 से ज्यादा आवास किराये पर उठे हैं। यहां आए दिन कब्जेदारी को लेकर फायरिग होना आम बात है। किन्नर हत्याकांड के बाद जिलाधिकारी ने जांच कर अवैध कब्जेदारों को बाहर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

वर्ष 2008 में आवास-विकास परिषद ने शहर की कांशीराम कॉलोनी हैवतपुर गढ़िया में 1296 आवास बनाए थे। आवंटन की जिम्मेदारी जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय (डूडा) को दी गई थी। डूडा ने रेवड़ी के तरह अपात्रों को भी आवास आवंटित कर दिए थे, जिन्होंने किराये पर मकान उठा दिए। कई आवासों पर तो दबंगों ने अपने ताले डाल लिए। शिकायत पर वर्ष 2018 में डूडा व तहसील प्रशासन ने जांच शुरू की तो करीब 200 से ज्यादा लोग अपात्र चिह्नित किए गए थे, लेकिन इसके बाद जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।

जिला प्रशासन की ढिलाई के चलते कॉलोनी में खोली गई अस्थायी पुलिस चौकी बंद हो गई और अराजकतत्वों ने डेरा जमा लिया। जुआ व सट्टे जैसे अवैध कार्य भी कॉलोनी में होने लगे। मई में मकान पर कब्जे को लेकर ही गोली मारकर किन्नर की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कॉलोनी की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं की गई है। ब्लॉक 52, 44, 19 व 22 में अपात्रों के कब्जे हैं।

जय विजय सिंह, पीओ डूडा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर चार सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है। कमेटी में उनके अलावा एसडीएम सदर, ईओ नगर पालिका व एसओ मऊदरवाजा शामिल हैं। जल्द ही कॉलोनी की जांच शुरू करवाकर अपात्रों को बाहर किया जाएगा। कॉलोनी में स्थायी चौकी खुलवाए जाने की भी मांग पुलिस अधीक्षक से की जाएगी।