शहीद स्मारक के लिए जांबाज शहीद की पत्नी को चेक प्रदान कर सीपीवीएन में संपन्न हुआ शिक्षक सम्मान समारोह


कायमगंज/फर्रुखाबाद: सीपी विद्या निकेतन कायमगंज में आज पूर्व राष्ट्रपति डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष में शिक्षकों को तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े साहित्य प्रेमियों को सम्मानित किया गया। साथ ही देश की सीमा पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद सपूत रजनीश कुमार की पत्नी अलका यादव को 2 लाख का चेक प्रथम किस्त के रूप में प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम में हरियाणा प्रांत के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला क्षेत्रीय सांसद तथा विधायक अमर सिंह खटिक व भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने भी बतौर मुख्य अतिथि के रुप में भाग लिया। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने गुरु शिष्य परंपरा के बारे में गुरु शुक्राचार्य व उनके शिष्य बलि की पौराणिक कथा का उदाहरण देकर गुरु को ईश्वर से भी उत्तम बताते हुए शिक्षकों का सम्मान करने की बात कही।समारोह को संबोधित करते हुए सीपीवीएन विद्यालय की प्रबंध निदेशक डॉ मिथिलेश अग्रवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। तथा शिक्षकों को समाज व राष्ट्र का निर्माता बताया।

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि शहीद रजनीश कुमार का स्मारक निर्माण हेतु उनकी पत्नी अलका यादव को 6लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसी क्रम में उन्होंने अलका को प्रथम किश्त के रूप 2 लाख का चेक भी प्रदान किया। शहीद रजनीश कुमार बीएसएफ में निरीक्षक पद पर नियुक्त थे। और देश सेवा में तल्लीन रहते हुए जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ को विफल करते समय सांम्बा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के कायराना हमले में शहीद हो गए थे।शहीद सैनिक सीपीवीएन का पूर्व छात्र था। कक्षा 12 तक की शिक्षा यहां से प्रथम श्रेणी में प्राप्त करने के बाद कानपुर चले गए थे। जहां उन्होंने एचबीटीआई से प्रथम श्रेणी में बीटेक करने के बाद कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।

किंतु देश सेवा का जज्बा उन्हें सेना की ओर प्रेरित करता रहा। अतः उन्होंने बीएसएफ में कड़ी परीक्षा उत्तीर्ण कर इंस्पेक्टर का पद हासिल किया था। अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए वे अपने घायल सैनिक साथियों को बचाने के लिए उनके पास पहुंचे थे। उसी समय पाकिस्तान की कायराना हरकत का शिकार होकर घायल हो गए और 13 जून 2018 को वीरगति को प्राप्त हुए।शहीद सैनिक पड़ोसी जनपद एटा तहसील अलीगंज के गांव सदियांपुर के मूल निवासी थे। जो एक सामान्य कृषक परिवार में जन्म लेकर राष्ट्र के काम आए।