कोरोना मांसपेशियों को भी कर देता है कमजोर,हड्डी और जोड़ हो सकते हैं खराब


कोरोना वायरस हड्डी और मांसपेशियों पर भी असर कर रहा है। इसके कारण मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं। हड्डी और जोड़ों में दर्द हो रहा है। कूल्हे और घुटने भी इस वायरस के चलते कमजोर हो सकते हैं। इतना ही नहीं, इससे ओस्टियोपोरोसिस हो सकता है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के दुष्प्रभाव बेहद खतरनाक है। आमतौर पर माना जा रहा है इस वायरस का असर आंत, किडनी, फेफड़े और दिल पर हो रहा है। यह पूरी तरह सही नहीं है। इस रहस्यमय वायरस का असर हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों पर भी हो रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में मांसपेशियों में दर्द भी शामिल है। करीब पांच फीसदी मामलों में यह देखा गया है। मरीज को बुखार के साथ मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रही है। गंभीर संक्रमण वाले वायरस से जूझ रहे मरीजों में ज्यादा होता है।

खराब हो रहे हैं कूल्हे और घुटने 
वायरस का संक्रमण खत्म होने के बाद भी उसका दुष्प्रभाव खत्म नहीं होता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि इस वायरस के संक्रमण के कारण खून में हाईपरकाग्यूलेशन हो जाता है। इसमें खून के कण आपस में चिपक जाते हैं। इससे खून में थक्का जम जाता है। यह थक्का जब कूल्हे और घुटनों के जोड़ के पास पहुंचते हैं तो वहां की हड्डियों और धमनियों से चिपक जाते हैं। यह इसके कारण कूल्हे और घुटने के मूवमेंट में मरीज को परेशानी होती है। दर्द होता है। रक्त का थमना जमने के कारण धमनियां चोक हो जाती है। इसे एवेस्कुलर नेक्रोसिस (ईवीएन) कहते हैं। ऐसे में रक्त प्रवाह न होने कारण अंग सड़ने लगता है।

ऑस्टियोपोरोसिस का भी है खतरा 
डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि जो मरीज लंबे समय तक अस्पतालों में भर्ती रह रहे हैं। उन्होंने यह खतरा अधिक है। हड्डियों में कमजोरी हो जा रही हैं। मांसपेशियों में दर्द रहता है। इस बीमारी से ओस्टियोपोरोसिस होने का खतरा भी है। उन्होंने बताया कि कोरोना से जंग जीत चुके कुछ लोगों में दुष्प्रभाव के लक्षण मिले। आर्थो विभाग की ओपीडी में ऐसे 14 मरीजों ने संपर्क किया है। उनकी मांसपेशियों हड्डी और जोड़ों में दर्द की शिकायत है। लक्षणों के आधार पर उनके इलाज किया जा रहा है।