ऐ मेरे रब सब पहले जैसा कर दो कोरोना को खत्म कर दो


फर्रूखाबाद: अब्बू हमें ईदगाहह जाना है अब्बू हमें ईदगाह जाना है मेला देखना है खिलौने लाना है। बेटे की जिद के आगे हारकर एक पिता बकरीद के मौके पर लाक डाउन मे ईद्गाह के बाहर पहुंच गए। चारो ओर सन्नाटा देख मासूम उदास हो गया तो अब्बू नें मासूम को कोरोना की हकीकत से रूबरू कराया। फिर क्या था ईदगाह के बाहर ही मासूम हाथ फैलाकर बैठ गया और खुदा से सबसे लंबी 45 मिनट की कोरोना के खात्मे के लिए दुआ कर डाली। 5 वर्षीय बेटे अब्दुल हादी खान की दुआ को देख अब्बू की आंखों से आंसू बह निकले और अब्बू ने भी बेटे के साथ दुआ की।

शनिवार को बकरीद का त्यौहार मनाया गया। त्यौहार पर सबसे ज्यादा बच्चों को खुशी होती है। बकरीद के मौके पर खुर्शीद खान के बेटे नें ईद्गाह जाने की जिद पकड़ ली। घर के सभी सदस्यों ने समझाने का प्रयास किया पर मासूम मानने को तैयार न था बस यही कहे जा रहा था कि अब्बू आप ईद पर भी ईदगाह नहीं ले गए अब बकरीद पर भी नहीं ले जा रहे हो, हमें ईदगाह जाना है। मेला देखना है खिलौने लेने हैं। ऐसी जिद पाले 5 वर्षीय मासूम अब्दुल हादी खान बकरीद पर रूठ गया। समझाने के बाद भी जब 10 बजे तक उसने कुछ नहीं खाया तो घर वाले उसकी जिद के आगे हार गए। सब कुछ जानने के बाद भी अब्बू बेटे को ईद्गाह ले जाने को मजबूर हो गए। ईद्गाह पहुंच चारो ओर सन्नाटा देख मासूम मायूस हो गया कहने लगा अब्बू आज कोई आया नहीं है , या बकरीद आज नहीं है। यह शब्द सुनते ही अब्बू की आंखे नम हो गईं।

इस पर अब्बू नें बेटे को कोरोना बीमारी के बारे में तफ्सील से बताया और कहा बेटा बकरीद आज ही है लेकिन कोरोना के कारण कहीं भी नमाज नहीं हो रही है ईद पर भी ऐसा ही था मेले नहीं लग रहे हैं। खुदा से दुआ करों कि बीमारी का खात्मा हो जाए। फिर क्या था मासूम अकेले खुदा के दरबार के बाहर दुआ को बैठ गया। मासूम नें सबसे लंबी 45 मिनट तक दुआ की जिसमें सिर्फ कोरोना से खात्मे की बात कही। इतनी लंबी दुआ को देख पिता खुर्शीद भी एक समय के लिए अवाक रह गए। लेकिन जब बेटे को शिद्दत के साथ दुआ करते देखा तो वह भी उसकी दुआ में शामिल हो गए। मासूम कहता रहा अल्लाह पाक जब तक कोरोना को खत्म नहीं करोगे हम यहां से नहीं जाएंगे ऐसे ही बैठे रहेंगे। कोरोना को आज ही खत्म कर दो। बेटे को दुआ करते 45 मिनट से भी ज्यादा हो गया तो खुर्शीद नें बेटे को जैसे तैसे समझाया और घर लेकर पहुंचे। खुर्शीद नें बताया कि ईद पर भी बेटे नें जिद की थी लेकिन समझाने पर मान गया था लेकिन बकरीद पर लाख प्रयास के बाद भी बेटा नहीं माना तो अपने और उसके मास्क लगाकर ईद्गाह जाने को मजबूर होना पड़ गया। बताया कि बेटे नें एक ही दुआ की है कि कोरोना खत्म हो जाए और अगली ईद पर खूब रौनक हो मेले लगे खिलौने खरीदे सबका काम चलने लगे।