स्वास्थ्य कर्मचारी प्रकरण में पुलिस कार्यवाही से असंतुष्ट स्वास्थ्य कर्मियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप सुसंगत धाराओं में कार्यवाही करने की मांग की


कायमगंज/फर्रुखाबाद: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में वीसीपीएम पद पर कार्यरत विनय मिश्रा का आरोप है कि वह 30 जून 2020 को जिलाधिकारी द्वारा बुलाई गई बैठक से लौटकर वापस आ रहा था। उनका कहना है कि जब वह तहसील के पास स्थित कस्बा चौकी के सामने पहुंचा तो वहां लगे बैरिकेडिंग पर नियुक्त पुलिसकर्मियों ने उसका परिचय पूछा मैंने अपना परिचय देकर जैसे ही वहां से जाना चाहा वैसे ही वहां मौजूद मोहल्ला छिप्पटी चिलाँका निवासी चंद्रेश पुत्र रामभरोसे ने अकारण मुझे गाली-गलौज कर अपमानित किया। उसी समय बाहर निकल कर आए कस्बा चौकी इंचार्ज दिनेश भारती ने हस्तक्षेप कर मामला रफा-दफा कर दिया।

इस प्रकरण ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया। जिसका हवाला देते हुए आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों ने उप जिलाधिकारी अमित आसेरी को ज्ञापन सौंपा। सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि स्वास्थ्य कर्मी पदनाम वीसीपीएम विनय मिश्रा जब स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष संख्या 26 में ड्यूटी कर रहे थे। उसी समय चंद्रेश वहां आ धमका। चंद्रेश ने स्वास्थ्य कर्मी मिश्रा को जमकर पीटा एवं कक्ष में पड़ी मेज का शीशा तोड़ दिया तथा कोविड-19 फार्म व वित्तीय भुगतान एवं अन्य महत्वपूर्ण तथा गोपनीय अभिलेख एवं कंप्यूटर आदि सामान को इधर-उधर फेंककर जमकर तोड़फोड़ की। मामले की लिखित तहरीर देकर पुलिस से शिकायत की गई।

स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि पुलिस ने न जाने किस कारणवश पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए आरोपी चंद्रेश पर मामूली धाराओं में एनसीआर दर्ज करने के बाद उस पर शांति भंग की धारा 151 लगाकर केवल चालान की औपचारिकता भर निभाई चंद्रेश तुरंत ही एसडीएम कोर्ट से जमानत पर छूट गया। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि पुलिस की इस पक्षपात पूर्ण कार्यवाही से बे खासे आहत और परेशान हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की मांग है कि आरोपी ने जिस तरह के कृत्य को अंजाम दिया है। उसके अनुसार उस पर महामारी आपदा अधिनियम के साथ ही दी गई तहरीर पर पंजीकृत अभियोग में धारा 332 व 333 शामिल कर आरोपी के विरुद्ध तदनुसार ही कार्यवाही की जानी चाहिए ।स्वास्थ्य कर्मियों ने ज्ञापन की प्रति जिलाधिकारी .मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ ही शासन के उच्च अधिकारियों एवं अपने संगठन व राज्य कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष को प्रेषित कर न्याय की गुहार के साथ ही अपनी सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका व्यक्त की है।