रमजान का महीना बंदों के लिए खुसूसी पैकेज


फर्रूखाबाद: मुहम्मद कासिम ने बताया कि रमजान का महीना अल्लाह की ओर से बंदों के लिए खुसूसी पैकेज यानी खास तोहफा है। हर साल रमजान में यह खास तोहफा मिलता है। इस महीने अल्लाह अपने बंदों की रोजी बढ़ा देता है। पेश इमाम ने कहा कि रमजान के महीने में ही पाक कुरान मजीद आसमान से उतरा। इस महीने हर नेकी का अज्र 70 गुना हो जाता है। रमजान के पहले दस दिन रहमत के, बीच के दस दिन मगफिरत के और आखिर के दस दिन जन्नत में दाखिले के हैं। अपनी जमा पूंजी से ढाई फीसदी जकात निकालना फर्ज है। रमजान के आखिर में और ईद से पहले सदका-ए-फितर अदा करना जरूरी है। वरना रोजा बीच में ही लटका रहेगा। घर के हर सदस्य की ओर से पौने दो किग्रा गेहूं या उसी मौजूदा कीमत के बराबर अदा करना है।