50 हजार से ज्यादा बसें धूल खा रहीं, श्रमिकों को पहुंचाने में क्यों नहीं हो रहा इनका इस्तेमालः अखिलेश यादव


लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार कोरोना संकट के साथ ही मजदूरों की घर पहुंचने की व्याकुलता को भी राजनीतिक स्वार्थसाधन के लिए इस्तेमाल करने में संकोच नहीं कर रही है। प्रदेश में दिन-रात चल रहे श्रमिकों की दुर्दशा की दर्दनाक कहानी सुनकर दिल दहल जाता है। रोज ही वे दुर्घटनाओं के शिकार होकर जानें गंवा रहे हैं। इस सबसे उदासीन भाजपा सरकार ने सभी मानवीय मूल्यों को रौंद दिया है।

अखिलेश यादव ने बुझवार को बयान में कहा, जब सरकारी, प्राइवेट और स्कूलों की पचासों हजार बसें खड़े-खड़े धूल खा रही हैं तो प्रदेश सरकार श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए इन बसों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रही है? सरकार की हठधर्मिता बहुत भारी पड़ रही है। जो मदद को हाथ बढ़ते हैं उनको झटक देने का अमानवीय बर्ताव भाजपा का आचरण बन गया है।

यह भाजपा सरकार की नौटंकी नहीं तो क्या है कि वह बहाने पर बहाने बनाकर श्रमिकों के घर पहुंचने में अवरोधक बन रही है। भाजपा सरकार को स्वयं इस बात का फिटनेस सर्टिफिकेट देना चाहिए कि क्या वह इस बदहाली में देश-प्रदेश का शासन-प्रशासन चलाने लायक है? देश-विदेश में भारत की छवि का ढिंढोरा पीटने वाले कहां हैं? जब अधिकारी मुख्यमंत्री की बात ही नहीं सुनते है तो इस राज्य का क्या होगा? श्रमिक विरोधी नीतियों से जा रही जानें

सपा अध्यक्ष ने कहा, भाजपा सरकार की गरीब विरोधी नीतियों का ही फल है कि रोजाना सड़क हादसों में श्रमिकों की जानें जा रही हैं। औरैया हादसे में मृतकों के साथ भाजपा सरकार के अंसेवदनशील बर्ताव को दुनिया जान चुकी है। इटावा में ट्रक की चपेट में आकर 6 किसानों की मौत हो गई। कानपुर में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्घटना में श्रमिक के बच्चे की मौत हो गई, 12 लोग घायल हैं। आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र में हाईवे पर मऊ निवासी 2 छात्रों सहित 3 लोगों की मृत्यु हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनकी पुलिस कहां गश्त लगा रही है, आला अफसर कहां चौकसी बरत रहे है? उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं को फिर निर्देश दिएं है कि वे भाजपा नेताओं की बदजुबानी पर ध्यान न देकर श्रमिकों की आवाज को आवाज देने से न डिगें, न भटकें।

भाजपा की षडयंत्रकारी बाजनीति
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, अव्यवस्था के इस दौर में भी भाजपा कमजोर लोगों पर अत्याचार करने से नहीं चूक रही है। गरीबो-मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। उन्हें घर तक न पहुंचाने के लिए तरह-तरह के बहाने ढूंढ रही है। अति निदनीय। ये भाजपाई राजनीति नहीं षडयंत्रकारी बाजनीति है।