कोरोना संकट के चलते देश में बढ़ेगी महंगाई, खाने-पीने की चीजों के दाम में होगी तेज बढ़ोतरी


DESK NEWS: एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अनुमान जताया है कि कोरोना संकट के चलते देश में महंगाई बढ़ेगी। आंकलन के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों के दाम ऊंचे की वजह से 2020 में महंगाई बढ़ेगी और अगले साल यानी 2021 में घटनी शुरू हो सकती है। बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, साल की पहली छमाही ज्यादा चुनौती भरी रह सकती है और दूसरी छमाही में हालात सुधरने के आसार जताए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्रीय महंगाई साल 2018 में 2.5 फीसदी से बढ़कर 2019 में 2.9 फीसदी पर पहुंची थी। इसके पीछे बड़ी वजह भारत में खाने पीने की चीजों और खास तौर पर सब्जियों के दाम में इजाफा रहा है। हालांकि महंगाई पिछले 10 साल के औसत 3.3 फीसदी के नीचे ही रही है, लेकिन अब यह आंकड़ा 3.2% पर पहुंच सकता है। हालांकि, 2021 में आर्थिक गतिविधियां कमजोर रहने से महंगाई घटकर 2.3% पर पहुंचने का अनुमान है।

आपूर्ति चेन में कमजोरी से बढ़ेंगी कीमतें

देश में महंगाई बढ़ने के पीछे बड़ी वजह आपूर्ति चेन में कमजोरी को माना जा रहा है। आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ प्रणब सेन ने हिन्दुस्तान को बताया कि खाने पीने की चीजें और सब्जियां देश में एक राज्य से दूसरे राज्य से होते हुए पूरे देश में बिकती हैं। इसी आधार पर मांग और आपूर्ति के बीच सामंजस्य बिठाया जाता जो चीजों के दाम तय करता है। मौजूदा दौर में यह चेन पूरी तरह से टूटी हुई है।

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उन्होंने कहा कि देश में महामारी के दौरान लॉकडाउन के चलते सरकार ने जरूर निर्देश दिए हैं कि आवश्यक चीजों की आपूर्ति में कोई बाधा न डाली जाए लेकिन स्थानीय स्तर किसानों और दूसरे कारोबारियों का काम रुका हुआ है। इसकी कोई व्यवस्था न होने के चलते हालात बिगड़ रहे हैं। घरों में रहने के चलते सिस्टम में मांग सीमित है लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद भी हालात को अगर संभाला और मांग तेजी से बढ़ी तो महंगाई भी उसी अनुपात में बढ़ेगी।

मंडी में आपूर्ति का सिस्टम व्यवस्थित नहीं

दिल्ली में आजादपुर मंडी में जनरल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वीजेंद्र यादव ने बताया है कि किसानों के पास से मंडी में आपूर्ति का सिस्टम व्यवस्थित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की माल ट्रांसपोर्टेशन की समस्या के चलते खेत से लेकर मंडी तक पहुंचाने के रास्ते में कई अड़चनें आ रही हैं इसके चलते आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। सब्जियों और फलों के लिए किसानों को पहले से ही कॉन्ट्रैक्ट दे दिया जाता है और उनके रख रखाव पर भी मेहनत की जाती है। देश में लॉकडाउन के चलते व्यवस्था पहले जैसी नहीं रही है जिससे न सिर्फ सब्जियां बर्बाद हो रही हैं बल्कि आने वाले दिनों में उनकी उपलब्धता मंडियों में भी घटेगी।

बता दें देश में कोरोना वायरस के नए मामले बढ़कर 2547 हो गए हैं, जबकि इस वायरस की वजह से अबतक 62 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 2547 मामलों में 2322 कोरोना के सक्रिय केस हैं और 162 ऐसे मरीज हैं जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वहीं वर्ल्डोमीटर के मुताबिक दुनिया में कोरोना से 1,098,848 लोग संक्रमित हैं, जिनमें 226,106 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं 58871 लोगों की मौत हो चुकी है।