कोरोना का कहर:सऊदी अरब से लौटी महिला की चपेट में आए 7 लोग कोरोना संक्रमित

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नई दिल्ली Coronavirus : सऊदी अरब से लौटीं दिलशाद गार्डन निवासी कोरोना पीड़ित महिला से वायरस का संक्रमण सात लोगों में हो चुका है। इनमें उनकी दो बेटियां, उनकी मां, भाई, डॉक्टर, डॉक्टर की पत्नी व बेटी शामिल हैं। मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर ने सबसे पहले महिला का अपने क्लीनिक में इलाज किया था। इस वजह से डॉक्टर और उनकी पत्‍‌नी व बेटी भी बीमारी की चपेट में आ गए। दिलशाद गार्डन के महिला समेत कुल सात लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इस तरह से दिलशाद गार्डन में अब तक दिल्ली के किसी भी अन्य इलाके से सबसे ज्यादा मरीज हो चुके हैं। कोरोना से पीड़ित महिला की मां व भाई जहांगीरपुरी में रहते हैं।

वहीं, बुधवार को यहां रहने वाले वाले एक और व्यक्ति में इस बीमारी पुष्टि हुई है। हालांकि यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि वह किस मरीज के संपर्क में आने से पीडि़त हुए हैं। महिला के बेटे, डॉक्टर की बुजुर्ग मां और बेटा क्वारंटाइन महिला के बेटे के अलावा डॉक्टर की बुजुर्ग मां और बेटा घर में क्वारंटाइन हैं। इनमें फिलहाल कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं, लेकिन जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ी है, उससे इनके भी संक्रमित होने की आशंका प्रबल हो गई है। महिला के संपर्क में आए करीब 70 लोग निगरानी में दिलशाद गार्डन निवासी पीडि़त डॉक्टर मोहनपुरी, मौजपुर स्थित मोहल्ला क्लीनिक में तैनात हैं। इसके अलावा सीमापुरी में उनका निजी क्लीनिक भी है। 12 मार्च को महिला उनके पास निजी क्लीनिक में ही पहुंची थी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो महिला के संपर्क में आए अभी करीब 70 लोगों पर की निगरानी की जा रही है। इनमें से कुछ को राजीव गांधी सुपरस्पेशलिटी में भर्ती कराया गया है। वहीं डॉक्टर के संपर्क में पांच सौ से अधिक मरीज आने की आशंका है। इसी वजह से मौजपुर में मायूसी छाई हुई है। यहां के अधिकतर मरीज मोहनपुरी के मोहल्ला क्लीनिक में जाते हैं। एक दिन में सौ से सवा सौ मरीज यहां के मोहल्ला क्लीनिक में देखे जा रहे थे। इस वजह से यहां डॉक्टर के संपर्क में पांच सौ अधिक मरीजों के आने की आशंका है। मोहल्ला क्लीनिक के रजिस्टर में मरीज का नाम और कहां से आया है, यह लिखा जाता है। ऐसे में डॉक्टर के संपर्क में आए लोगों तक पहुंचना प्रशासन के लिए मुश्किल हो गया है।

इसी वजह से शाहदरा के एसडीएम देवासिस बिश्र्वाल ने 12 से 18 मार्च को उस मोहल्ला क्लीनिक में उक्त डॉक्टर के पास इलाज के लिए पहुंचे लोगों को स्वत: ही घर में क्वारंटाइन होने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि अगर किसी में लक्षण नजर आए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अगर डॉक्टर से मरीज संक्त्रमित हुए तो आंकड़ा काफी बढ़ सकता है। अब डॉक्टर की पत्‍‌नी और बेटी के संपर्क में आने वालों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। डॉक्टर की तबियत बिगड़ी तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की मदद 18 मार्च को महिला के संक्रमित होने की पुष्टि होते ही मोहल्ला क्लीनिक के उक्त डॉक्टर को 18 मार्च को ही जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से उनका इलाज यहां चल रहा था। लेकिन 23 मार्च की आधी रात को उनकी तबियत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इस पर उन्होंने डीएमसी के सदस्य डॉ. अश्रि्वनी गोयल और डॉ. हरीश गुप्ता से मदद मांगी।

डॉ. हरीश गुप्ता ने रात करीब दो बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से बात की। इसके बाद डॉ. हर्षवर्धन ने स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सचिव संजीव कुमार को डॉक्टर को जीटीबी अस्पताल से सफदरजंग में स्थानांतरित करने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने आधी रात को ही जीटीबी अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल यादव और सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात की। इसके बाद रात तीन बजे डॉक्टर को सफदरजंग अस्पताल के आइसीयू में भर्ती किया गया। यहां बुधवार को उनकी हालत में काफी सुधार आ गया। डॉ. हरीश गुप्ता ने बताया कि डॉ. हर्षवर्धन ने पीड़ित डॉक्टर से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल भी लिया है।